🪔 आरतीश्री गणेश · बुधवार और किसी भी पूजा की शुरुआत में
गणेश जी की आरती
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पारवती पिता महादेवा॥ एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी। माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी। पान चढ़े फल चढ़े और चढ़े मेवा। लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा॥
ॐ जय शिव ॐकारा, स्वामी हर शिव ॐकारा। ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्धांगी धारा॥ जय शिव ॐकारा॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे स्वामी पंचानन राजे। हंसासन गरुड़ासन वृष वाहन साजे॥ जय शिव ॐकारा॥
आरति कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर काँपे रोग दोष जाके निकट न झाँके। अंजनि पुत्र महा बलदायी संतन के प्रभु सदा सहायी॥ आरति कीजै हनुमान लला की।
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता तुम को निस दिन सेवत, मैयाजी को निस दिन सेवत हर विष्णु विधाता। ॐ जय लक्ष्मी माता॥ उमा रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग माता ओ मैया तुम ही जग माता। सूर्य चन्द्र माँ ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॐ जय लक्ष्मी माता॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निस दिन ध्यावत मैयाजी को निस दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी। बोलो जय अम्बे गौरी॥ माँग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद को मैया टीको मृगमद को उज्ज्वल से दो नैना चन्द्रवदन नीको बोलो जय अम्बे गौरी॥
जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता। अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता। मैया जय सन्तोषी माता। सुन्दर चीर सुनहरी माँ धारण कीन्हो मैया माँ धारण कींहो हीरा पन्ना दमके तन शृंगार कीन्हो मैया जय सन्तोषी माता।
पुराणों में कथा आती है कि सत्ययुग में मुर नाम का बलशाली दैत्य था। उसने देवताओं को स्वर्ग से निकाल दिया। दुखी देवता भगवान शिव के पास गए, और शिव जी ने उन्हें भगवान विष्णु की शरण में भेजा।
लोक-परंपरा में कथा आती है कि महाभारत के दानवीर कर्ण ने जीवन भर सोना-चाँदी दान किया, पर अन्न का दान नहीं किया। मृत्यु के बाद स्वर्ग में उन्हें भोजन के रूप में सोना ही मिला।
स्कंद पुराण की कथा के अनुसार एक विधवा ब्राह्मणी अपने पुत्र के साथ भिक्षा से जीवन चलाती थी। एक दिन उसे विदर्भ का एक राजकुमार धर्मगुप्त मिला, जिसके पिता को शत्रुओं ने मार दिया था। ब्राह्मणी ने उसे अपने पुत्र की तरह रखा।
सबसे कठिन एकादशी, जिसमें जल भी ग्रहण नहीं किया जाता। मान्यता है कि इस एक व्रत से साल की सभी एकादशियों का फल मिलता है। गर्मी में स्वास्थ्य की स्थिति देखकर ही निर्जल उपवास करें; बीमार, वृद्ध और गर्भवती लोग फलाहार या जल ले सकते हैं।