आरती और चालीसा

पूरा पाठ, बड़े अक्षरों में — पूजा के समय आसानी से पढ़ने के लिए। अक्षर का आकार अपने हिसाब से बढ़ा-घटा सकते हैं।

ये सदियों पुराने पारंपरिक पाठ हैं। लोक-आरतियों के शब्दों में अलग-अलग क्षेत्रों में थोड़ा अंतर मिलता है; यहाँ सबसे प्रचलित रूप दिया गया है। अपने परिवार या गुरु की परंपरा का पाठ भिन्न हो तो उसे ही अपनाएँ।

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