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परमा एकादशी

अधिक मास कृष्ण एकादशी

अधिक मास · कृष्ण पक्षदेवता: भगवान विष्णु

महत्त्व

पद्मिनी की तरह यह भी केवल अधिक मास में आती है। इसे दरिद्रता दूर करने वाली एकादशी माना जाता है।

कथा

काम्पिल्य नगर के निर्धन ब्राह्मण सुमेधा और उनकी पत्नी पवित्रा ने ऋषि के कहने पर परमा एकादशी का व्रत किया। कथा के अनुसार कुबेर ने प्रसन्न होकर उनकी दरिद्रता दूर की।

यह सरल हिन्दी में भक्ति-पाठ के लिए तैयार संक्षिप्त कथा है। अलग-अलग ग्रंथों और क्षेत्रों में नाम और विवरण भिन्न मिल सकते हैं; पूरी कथा अपनी परंपरा या पंडित जी से मिलाएँ।

तिथि और पारण (2026–2028, दिल्ली)

गुरुवार, 11 जून 2026
एकादशी तिथि: 11 जून 2026 00:58 से 11 जून 2026 22:36 तक
पारण: 12 जून 2026 को सूर्योदय (5:23 AM) के बाद, द्वादशी समाप्त होने (7:37 PM) से पहले

समय IST में हैं। परंपरा अनुसार द्वादशी की पहली चौथाई (हरि वासर) में पारण नहीं किया जाता। वैष्णव परंपरा में व्रत अगले दिन हो सकता है; शहर के अनुसार भी एक दिन का अंतर संभव है — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।

व्रत-विधि और नियमविष्णु आरतीकैलेंडर में देखें
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